Hellbound beats Squid Games web series is like Aparichit an

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मुंबई: ‘हैलबाउंड’ (Hellbound) एक कोरियाई वेब सीरीज है, जिसकी तुलना ‘स्किव्ड गेम्स’ (Squid Games) से की जा रही है, जिसने इस मशहूर वेब सीरीज को व्यूज के मामले में पछाड़ दिया है. ‘हैलबाउंड’ की कहानी पर जाएं, तो यह साउथ इंडियन फिल्म ‘अन्नियन्’ से मिलती है, जो 2005 में रिलीज हुई थी. यह फिल्म हिन्दी में ‘अपिरिचित’ नाम से पॉपुलर हुई थी.

‘अपिरिचित’ से मिलती है कहानी
फिल्म ‘अपिरिचित’ के 16 साल बाद आज जब ‘हैलबाउंड’ आई, तो इसे लेकर दुनियाभर में तहलका मच गया है. फिल्म ‘अपिरिचित’ में आपने देखा था कि फिल्म का लीड कैरेक्टर रेंबो, अंबी और अपिरिचित बनकर हिंदू ग्रंथ के हिसाब से लोगों को उनके जुर्म की सजा देता है. ‘हैलबाउंड’ में भी लोगों को उनके गुनाहों की सजा दी जाती है, पर उसमें मल्टीपल कैरेक्टर निभाने वाला कोई एक्टर नहीं है.

सीरीज ‘हैलबाउंड’ के नाम से जाहिर कि यह नरक की यातना पर बात करती है. दुनियाभर में इस सीरीज को अलग-अलग तरह के रिव्यूज मिल रहे हैं, पर इसकी कहानी ज्यादातर कोरियाई फिल्मों के मुकाबले सरल है. इसमें 2027 से 2030 का दौर दिखाया गया है जहां कोरियाई शहर में लोगों को उनके पापों की सजा मिलती है.

गुनाहों की सजा देते हैं शैतान
फिल्म में किसी तरह का पाप करने वाले व्यक्ति को एक आत्मा मिलती है जो बताती कि उसकी मौत कब होगी. व्यक्ति की मौत के दिन 3 शैतान आते हैं, जो उसे उसके गुनाहों की सजा देते हैं. इसमें भी धर्म का एंगल दिखाया गया है. फिल्म में एक ‘द ट्रुथ सोसाइटी’ दिखाई गई है, जो कर्मों की सजा के बारे में बताती है. इस सोसाइटी का मुखिया लोगों को धर्म-आस्था की बातें बताता है. लोग उसके लिए पागल है.

न डराती है, न हैरान करती है ‘हैलबाउंड’
शहर की प्रशासन इन मौतों की जांच का आदेश देती है. एक ऐसे पुलिसवाले को इस जांच की जिम्मेदारी मिलती है, जो खुद अपनी समस्याओं से जूझ रहा है. यह सीरीज दर्शकों में न तो डर पैदा करती है और न ही हैरान करती है. इसकी स्टोरी भी सिंपल है. लोगों के मरने का तरीका भी एक जैसा है. ‘स्किव्ड गेम’ की तरह इसका भी खूब फैलाव हुआ है. शायद, इसी वजह से यह लोगों की नजर में आई है और खूब चर्चा में है.

Tags: Korean drama, OTT Platform



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